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योग आदिकाल से भारतीय परचम लहरा रहा
July 30, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ

नवल टाइम्स ब्यूरो:  उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय योग विज्ञान विभाग ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। जिसमें गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग के  विभागाध्यक्ष प्रो. ईश्वर भारद्वाज जी को योग शिक्षा एवं प्रसार में किए गए विशेष योगदान के लिए स.वि .वि. के कुलपति प्रो.देवी प्रसाद त्रिपाठी जी और योग विज्ञान विभाग ने सम्मानित किया।

सम्मान पत्र भेंट करते हुए कुलपति त्रिपाठी जी ने कहा कि शिक्षण में सिद्धांत की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और प्रो. ईश्वर भारद्वाज जी का योगदान योग के सिद्धांत क्षेत्र में काफी रहा है। योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.कामाख्या कुमार जी ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग के स्थापना में प्रो.भारद्वाज जी का महति  योगदान रहा है और अभी तक भी उनका योगदान मिलता रहा है, भविष्य में भी विश्वविद्यालय और छात्र छात्राओं को उनके प्रतिभा का लाभ मिलता रहे।

डॉ लक्ष्मी नारायण जोशी जी ने कहा कि प्रो.भारद्वाज योग क्षेत्र के दादा गुरु कहे जाते हैं जिनका  देश और प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में योग शिक्षा को स्थापित करने में महती योगदान रहा है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी जी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रो.भारद्वाज जी को बधाई शुभकामनाएँ दी इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा निदेशक शिव प्रसाद खाली जी ,योग प्रशिक्षक राजेंद्र नौटियाल ,शोध छात्र शिवचरण नौडियाल , मोहित लोहान आदि उपस्थित रहे।