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स्वच्छता सर्वेक्षण जारी, देहरादून उत्तराखंड मे सबसे स्वच्छ
August 20, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में 10 लाख से ऊपर की जनसंख्या वाले शहरों में पहला स्थान अम्बिकापुर, दूसरा स्थान मैसूर और तीसरा स्थान नई दिल्ली को मिला, इस सर्वेक्षण में किसी भी उत्तराखंड के शहर को जगह नही मिली। 1लाख से 10 लाख बीच जनसंख्या वाले शहरों में इंदौर प्रथम स्थान पर, सूरत दूसरे स्थान पर और नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा स्वच्छ भारत मिशन के इस सर्वेक्षण में उत्तराखंड के 6 शहरों को मिला स्थान।


देहरादून उत्तराखंड में सबसे साफ पूरे भारत मे 3059.31 अंको से साथ प्राप्त करी 124वी रैंक, रुड़की 2994.60 अंको से साथ उत्तराखंड में दूसरे स्थान पर देश मे 131वी रैंक, तीसरे स्थान पर काशीपुर देश मे 139वी रैंक, इसके अलावा चौथे नंबर और हल्द्वानी(229वी रैंक)पांचवे स्थान पर हरिद्वार(244वी रैंक) और प्रदेश मे छटे स्थान पर रहा रुद्रपुर(316वी रैंक)

देश के कैंट एरिया में जालंधर सबसे साफ दूसरे नंबर पर दिल्ली तीसरे नंबर पर मेरठ कैंट रहा, देहरादून कैंट देश के 8वे नंबर पर और रानीखेत कैंट 17वे नंबर पर रहा।
गंगा किनारे वाले शहरों में (50000से कम जनसंख्या वाले) उत्तरप्रदेश के चूनर पहले स्थान पर बिठूर दूसरे स्थान पर और उत्तराखंड का गौचर तीसरे स्थान पर रहा, इसके अलावा जोशीमठ, रुद्रप्रयाग, गोपेश्वर और श्रीनगर भी टॉप 10 मे रहे।


50000 से ऊपर जनसंख्या वाले शहरों में कन्नौज को पहला स्थान मिला उत्तराखंड का ऋषिकेश इस लिस्ट में 5वे स्थान पर रहा।
गंगा किनारे बसे गांव जिनकी जनसंख्या 100000 से ज़्यादा है उसमें प्रथान स्थान वाराणसी को मिला जबकि उत्तराखंड का हरिद्वार शहर इस लिस्ट में 5वे स्थान पर रहा।
उत्तराखबद का नंदप्रयाग शहर पूरे देश मे उन शहरों में सबसे साफ रहा जिसकी जनसंख्या 100000 से कम है, और ये एकमात्र ऐसा उत्तराखंड का शहर बना जिसका नाम टॉप पर आया है।

हर साल आयोजित होने वाला यह सर्वेक्षण दुनिया भर का सबसे बड़े स्वच्छता सर्वेक्षण है और ये भारत सरकार द्वारा 2016 से कराया जा रहा है।
इस सर्वेक्षण में 4242 शहरों को सम्मलित किया गया जो लगातार 28 दिन तक चला। इस सर्वेक्षण म 5 लाख से अधिक प्रपत्रों की जाँच करि गयी और 24 लाख से अधिक geo tagged फ़ोटो फील्ड से ली गयी इन सब के अलावा 2.9 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिकों ने इस सर्वेक्षण में अपने प्रतिपुष्टि दी गयी थी, पूर्ण रूप से डिजिटल यह कार्य भारत के डिजिटल युग को भी दर्शाता है।