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सीएम से 51 मंदिरों का अधिग्रहण करने वाले अधिनियम को वापस लेने का किया आग्रह 
May 29, 2020 • SANJEEV SHARMA

नवल टाइम्स,हरिद्वारः  आम आदमी पार्टी उत्तराखंड के नेता व प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अभिषेक बहुगुणा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से हाल ही में देवभूमि उत्तराखंड के 51 मंदिरों का अधिग्रहण करने वाले अधिनियम को वापस लेने का आग्रह किया।

मंदिरों के अधिग्रहण को अवैध करार देते हुए उन्होंने अपने एक पत्र में  मुख्यमंत्री से कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जो 51 मंदिरों का अधिग्रहण करने वाला अधिनियम लाया गया है वह देवभूमि की समस्त जनता और उसकी भक्तिभाव एवं निष्ठा पे प्रहार है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा की उत्तराखंड भाजपा सरकार ने राज्य के लगभग सभी मंदिरों को संभालने के लिए कानून लाया है और मुख्यमंत्री को बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया है।

जब से सरकार ने बिल लाने का फैसला किया है, तब से देवभूमि के पुजारियों में व्यापक आक्रोश है क्योंकि ये नई प्रणाली उनकी भूमिका और कर्तव्यों को बदल देगी जो वे और उनके परिवार दशकों से करते आ रहे हैं। यह कदम न केवल अवैध है अपितु देवभूमि की भक्तिवादी नीव पे लालच का प्रहार है एवं जन विचारधारा के खिलाफ होने के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के (सुब्रमण्यम स्वामी बनाम तमिलनाडु राज्य) के फैसले के भी खिलाफ है, जिसमे सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत सरकार किसी भी मंदिर के प्रशासन को नहीं ले सकती है, सिवाय संक्षिप्त अवधि के वो भी तब जब मंदिर के धन की हेराफेरी का कोई मामला सामने आया हो।
बहुगुणा ने कहा की देवभूमि उत्तराखंड के मामलों में, बद्रीनाथ मंदिर या केदारनाथ मंदिर या किसी अन्य 49 मंदिरों के मामले में धन के ऐसे दुरुपयोग का कोई दस्तावेजीकरण नहीं है और इसलिए उत्तराखंड सरकार द्वारा लाया ये अधिनियम असंवैधानिक है।