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रूसी कोरोना वैक्सीन पर दिल्ली एम्स के निदेशक का बडा बयान
August 12, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कोरोना वैक्सीन के खोज के दावे के बाद पूरी दुनिया से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही हैं। वहीं दिल्ली एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने इस वैक्सीन की सेफ्टी से लेकर साइड इफेक्ट की जांच की बात कही है।

बताते चलें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन , अमेरिका और जर्मनी जैसे देश रूस की वैक्सीन पर संदेह जता रहे हैं। डब्लूएचओ का कहना है कि रूस इस वैक्सीन को लेकर जरूरी डेटा साझा नहीं कर रहा है। वहीं दुनिया के कई देश कोविड-19 वैक्सीन के निर्माण में जुटे हैं। भारत में भी वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल स्टेज में पहुंच चुका है।

दिल्ली एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा, 'हमें देखना पड़ेगा कि रूसी वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव हो। सेफ का मतलब कि उससे कोई साइड इफेक्ट नहीं हो और इफेक्टिव का मतलब कि वैक्सीन इम्युनिटी को बढ़ाती हो। अगर ये दोनों चीजें आती हैं तो बड़ा कदम होगा। भारत के पास यह क्षमता है कि वह इसका बडे़ पैमाने पर उत्पादन कर पाए। उससे वैक्सीन ट्रायल और प्रभावकारी होगी और यह जल्दी आ जाएगी।' उन्होंने कहा कि ये दोनों चीजें वैज्ञानिक दुनिया में साफ होनी चाहिए।

रूस के कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत समेत दुनियाभर के 20 देशों ने रूचि दिखाई है। रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी को लेकर बनाए गए वेबसाइट पर दावा किया गया है कि यूएई, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील, मैक्सिको और भारत ने रूस की वैक्सीन को खरीदने की बात की है। इस वैक्सीन के 20 करोड़ डोज बनाने की तैयारी की जा रही है जिसमें से 3 करोड़ केवल रूसी लोगों के लिए होगी।