ALL विज्ञान स्वास्थ्य स्वाद समाचार ज्ञानवर्धक जानकारी जनहित abhivyakti
नयना देवी मंदिर से मां नंदा सुनंदा की हुई विदाई
August 28, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ

मां नयना के दरबार में अष्टमी से विराजमान मां नंदा व सुनंदा की आखिरकार विदाई की घड़ी आ गई। शुक्रवार को नगर में शोभायात्रा के बगैर मां की मूर्तियों को त्रि ऋषि सरोवर नैनीझील में विसर्जित किया गया। 118 साल के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लिए नंदा महोत्सव ने वर्ष 2020 में कोरोना के चलने नया रिकार्ड भी बनाया। इस दौरान जहां लोग मां के सीधे दर्शन नहीं कर सके वहीं मेले के दौरान सैकड़ों दुकाने व झूले आदि का आयोजन नहीं हुआ। पारंपरिक झोड़े चांचरी नहीं हुई और लोग पारंपरिक छोलिया नृत्य के आनंद भी नहीं ले सके। शोभायात्रा के बगैर मां नैनीझील के माध्यम से विदा हुई।
नयना देवी परिसर में विदाई से पहले हुए अनुष्ठान में श्री मां नयना देवी मंदिर अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह सपत्नीक शामिल हुए। मां से कोरना संकट से देश व दुनिया को मुक्ति दिलाने के साथ ही सुख शांति की कामना की गई।

विधायक आर्य ने मेले के प्रसारण के लिए बने स्टूडियो में दर्शकों को नंदा महोत्सव की बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कोरोना काल में संपन्न हुए मेले के लिए आयोजक श्री राम सेवक सभा के साथ ही प्रशासन व पुलिस की व्यवस्था की सराहना की। मेले को दौरान मंदिर के गेट बंद होने को लेकर उठ रहे कुछ सवालों को भी उन्होंने अपने संबोधन में एक प्रकार से जवाब दिया। इसमें कहा कि कोविड-19 के चलते यह व्यवस्था लाजमी थी। इधर दोपहर 12:15 बजे माॅ नैनादेवी के दरबार से माॅ नंदा व सुनंदा की मंदिर परिसर में ही शोभायात्रा की रस्म अदायगी की गई।

पूरे मेले के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होने के बावजूद इस दौरान नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो सका। स्थानीय ताल चैनल के अलावा यू-ट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से किए गए सीधे प्रसारण में नैनीताल के साथ ही देश दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इस मौके पर  नगरपालिका अध्यक्ष सचिन नेगी व पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी, उपजिलाधिकारी विनोद कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय थापा, मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार सिंह, श्री रामसेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश चन्द्र बवाड़ी, डा. मनोज सिंह बिष्ट, विमल चौधरी, देवेन्द्र लाल साह, राजेन्द्र बजेठा, भीम सिंह कार्की, हिमांशु जोशी, कमलेश ढोंढियाल, कुन्दन सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।