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कुंवर प्रणव चैंपियन की भाजपा में हुई वापसी
August 25, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ
  • कुंवर प्रणव चैंपियन की भाजपा में हुई वापसी, देशराज कर्णवाल को भी मिला क्षमा दान 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने आज खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव चैम्पियन जिन्हें अनुशासनहीनता के मामले में 13 माह पूर्व भाजपा से निष्काशित किया गया था द्वारा माफी माँगने व भविष्य में अनुशासन का पालन करने के लिखित वचन के बाद पुनः भाजपा में वापसी की घोषणा की। उन्होंने विधायक देशराज कर्णवाल जिन्हें अनुशासनहीनता पर नोटिस दिया गया था को भी क्षमा दिए जाने की घोषणा भी की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशी धर भगत ने आज अपने आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए उक्त घोषणायें करते हुए कहा कि कुंवर प्रणव चैम्पियन जिन्हें 13 माह पूर्व अनुशासन हीनता पर पार्टी से निष्काशित कर दिया गया था की भाजपा में वापसी की इच्छा व विधायक देश राज कर्णवाल जिन्हें अनुशासन हीनता पर नोटिस दिया गया थे के आवेदन पर कुछ समय से विचार किया जा रहा था।

जिसमें कुंवर प्रणव चैंपियन जी विधायक खानपुर, विधायक देशराज कर्णवाल दोनो लिखित रूप से अपनी गलती पर खेद व्यक्त कर चुके हैं। इसी क्रम में दोनों विधायकों को कल पार्टी द्वारा बुलाया गया जिसमें खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन व विधायक देशराज कंडवाल ने अपनी गलती पर खेद व्यक्त करते हुए पुनः क्षमा मांगी और कहा कि भविष्य में वे पार्टी की रीति-नीति  अनुशासन का पालन करेंगे और गलती की पुनरावृत्ति नहीं करेंगे।

बंशीधर भगत ने कहा कि विगत 1 वर्ष जबसे कुंवर प्रणव चैंपियन को पार्टी से निष्कासित किया गया यह देखने वाला विषय रहा कि इनके स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन आया और इस बात की मुझे खुशी है मुझे उम्मीद है कि भविष्य में यह दोनों विधायक इस प्रकार की कोई भी गलती नहीं करेंगे , ऐसा दोनों ने वायदा भी किया है।
कुंवर प्रणव चैंपियन ने इस मौके पर कहा कि मैं मीडिया के सामने आप सभी व उत्तराखंड की जनता से भूलवश हुई अपनी गलती के लिए क्षमा चाहता हूं। श्री चैंपियन ने कहा कि मेरी दादी रानी सरस्वती देवी पौड़ी जिले के लैंसडौन पट्टी जोशना द्वारीखाल ठाकुर बिष्ट परिवार से हैं मेरे शरीर में आधा खून उत्तराखंड पहाड़ का है इसलिए उत्तराखंड मेरी मातृभूमि है और यदि मुझसे भूल बस कोई गलती भी हो जाए तो एक मां अपने बच्चे को माफ कर देती है। इसलिए मैं आपसे और उत्तराखंड की जनता से पुनः माफी मांगते हुए भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने का वादा करता हूं।