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कवि आदित्य सिंह कश्यपः "5 दिन 5 मित्र और 5 कविताएं कि श्रृंखला"
September 10, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ

 

बिहार के सुप्रसिद्ध कवि कमलेश कुमार अश्विनी ओझा और कवि मुकुंद मुरारी राम एवं अखिल भारतीय नवांकुर अंजलि काव्य मंच द्वारा, साहित्य को आगे बढ़ाने हेतु (5 दिन 5 मित्र पांच कविताएं) श्रृंखला का निर्माण किया गया।

इस श्रृंखला में कवि आदित्य सिंह कश्यप, अखिल भारतीय नवांकुर अंजलि काव्य मंच के संस्थापक एवं मुख्य सचिव होने के नाते इसमें सम्मिलित हुए। 

कवि आदित्य सिंह कश्यप द्वारा रचित "5 दिन 5 मित्र और 5 कविताएं कि श्रृंखला"  में प्रस्तुत एक भावुक गीत

मैं मिलूंगा तुमको वहीं प्रिये

मैं मिलूंगा तुमको, वहीं प्रिये

किसी राह के, किसी पट में
व्याकुलता के, मन हट में 
या समाज के, झंझट में 
पुकारना, मुझको कहीं प्रिये 
मै मिलूंगा तुमको, वहीं प्रिये

मै मिलूंगा तुमको, वहीं प्रिये।

जीवन में एक बार भी, याद आये प्यार हमारा 
याद हैं तुमको, जब कहती थीं, कैसे लिखें हो, गीत ये प्यारा 
तो उसी तल पर, और उसी पल में 
पुकारना मुझको, कहीं प्रिये 
मै मिलूंगा तुमको वही प्रिये

मै मिलूंगा तुमको, वहीं प्रिये।

ये ना सोचना, दूर हैं हम 
या समाज से, मजबूर हैं हम 
किसी काल, जाल या किसी हाल में 
पुकारना मुझको, कहीं प्रिये  
मै मिलूंगा तुमको वहीं प्रिये।


मै रहूं, किसी खायी में 
या अनंत, उंचाई में 
तो बेहिचक, और बेझिझक 
पुकारना मुझको, कहीं प्रिये 
मै मिलूंगा तुमको वहीं प्रिये 
मै चला आऊंगा वहीं प्रिये,

मै मिलूंगा तुमको, वहीं प्रिये।

मै मिलूंगा तुमको, वहीं प्रिये।