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जानियेः जुलाई में घटेंगीं यें अद्भुत घटनाएं
July 1, 2020 • SANJEEV SHARMA

संजीव शर्मा, हरिद्वारः 01-07-2020, इस बार जुलाई महीने में आकाश में कई खगोलीय घटनाएं नजर आएंगी।

2 जुलाई को आषाढ़ मास की अमावस्या है। इसी दिन सूर्य ग्रहण भी होगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

5 जुलाई को चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन यह देश में दिखाई नहीं देगा ।

पांच जुलाई के दिन गुरु पूर्णिमा पर सुबह जब भारत में चंद्रमा आकाश से विदा हो चुका होगा तब दक्षिण-उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी अफ्रीका में होने जा रही शाम के दौरान चंद्रमा के अस्त होते हुए उपछाया चंद्रग्रहण दिखाई देगा भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिखेगा।

14 जुलाई को ग्रह गुरु(जुपिटर) , पृथ्वी(अर्थ) और सूर्य एक सीध में होगें।

14 जुलाई की शाम को सौर परिवार का सबसे बड़ा ग्रह गुरु, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होगें इस शाम जब सूर्य पश्चिम में अस्त हो रहा होगा तब पूर्व में गुरु ग्रह (जुपिटर) उदित हो रहा होगा गुरु ,पृथ्वी और सूर्य के एक सीध में आ जाना ‘जुपिटर एट अपोजिशन’ कहलाता है इस पूरी रात आकाश में जुपिटर रहेगा इस समय इसे देखा जाना सबसे अच्छा होगा क्योंकि यह हमसे करीब होगा।

16 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। इसे गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसी तिथि पर रात में चंद्र ग्रहण होगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा। ग्रहण की शुरुआत रात में करीब 1.30 मिनट पर होगी और मोक्ष सुबह 4.30 पर होगा।

20 जुलाई को सबसे सुंदर ग्रह शनि (सेटर्न) पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा पर होगें 28 जुलाई को मौसम साफ रहने पर रात में तारों की बारिश दिख सकती है।

पांच जुलाई के दिन गुरु पूर्णिमा पर सुबह जब भारत में चंद्रमा आकाश से विदा हो चुका होगा तब दक्षिण-उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी अफ्रीका में होने जा रही शाम के दौरान चंद्रमा के अस्त होते हुए उपछाया चंद्रग्रहण दिखाई देगा भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिखेगा।

20 जुलाई अमावस्या की शाम को आकाश में चांद तो नहीं दिखेगा लेकिन सबसे सुंदर ग्रह शनि (सेटर्न) पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा पर होगें इसे ‘सेटर्न एट अपोजिशन’ कहते हैं पृथ्वी के पास होने से इसे टेलिस्कोप से देखने पर इसके रिंग और इसके कुछ चंद्रमा देखे जा सकते हैं।