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हरिद्वार के विनम्र शर्मा के शोध पत्र को अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में  मिला सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का सम्मान किया गया
June 26, 2020 • SANJEEV SHARMA

संजीव शर्मा,नवल टाइम्सः अंतर्राष्ट्रीय आई०ई०ई०ई०  लास वेगास सेक्शन यू०एस०ऐ० द्वारा प्रायोजित पांच दिवसीय कार्यशाला और 22 जून 2020 से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आज कुशल रूप से समापन हुआ। अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के अंतिम दिन विभिन्न देशों से शिक्षाविदों ने डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचैन मैनेजमेंट, आदि तकनीकी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग से साइंटिस्ट डॉ० अरिजीत रॉय, डॉ० सचिन अग्निहोत्री, दक्षिण यूराल स्टेट यूनिवर्सिटी, चेल्याबिंस्क, रूस एवं बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर डॉ० अजित सिंह द्वारा शिक्षाप्रद व्याख्यान दिए गए।

देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने अपने शोध पत्र इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत किए जहां उनमें से दो शोध पत्रों को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के खिताब से सम्मानित किया गया। बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट के छात्र विनम्र शर्मा व अंकाक्षा जोशी एवं आईआईटी मद्रास के छात्र भावसार मजूमदार को यह सम्मान मिला। जहां एक और भावसार मजूमदार मजूमदार ने क्राउड एंटीकोर्ड थ्योरी पर आधारित वायरलेस मैक प्रोटोकॉल पर शोध की वहीं दूसरी ओर विनम्र शर्मा ने अपने प्रोफेसर डॉ० विशाल कुमार के कुशल नेतृत्व में  एकीकृत डेटासेट और विश्लेषण के आधार पर संस्थागत सिफारिश और रैंकिंग प्रणाली पर शोध संपन्न करी।

आपको बताते चलें की विनम्र अधिवक्ता अनुज शर्मा तथा बीएचईएल हरिद्वार में बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वरिष्ठ लिपिक संध्या शर्मा के बेटे हैं जो  बीटीकेआईटी द्वाराहाट में बीटेक कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष के छात्र हैं अभी हाल ही में इन्होंने कोविड-19 के नाम से एक वेबसाइट फिर एक इसकी मोबाइल ऐप  बनाई  बनाई थी। इस कॉन्फ्रेंस में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में विनम्र शर्मा एकमात्र ऐसे प्रतिभागी थे जो अंडर ग्रेजुएट सेकंड ईयर के छात्र थे। उनकी यह उपलब्धि हरिद्वार के लिए ही नहीं उत्तराखंड के लिए बहुत सम्मान की बात है।

इस संगोष्ठी का आयोजन बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट के कंप्यूटर साइंस एवम इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा किया गया था। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी०एम० मिश्रा द्वारा बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानवीय इंटेलिजेंस के बराबरी करने में मशक्कत करनी पड़ती है, फिर भी इस क्षेत्र में शोधकार्य लगातार गतिमान है।साथ ही उन्होंने सायबर सुरक्षा की तरफ अग्रसारित होने के लिए प्रोत्साहित किया। यू०एस०ऐ० से एडेल एलमाघ्रबी द्वारा बताया गया कि कोरोना वायरस जैसी महामारी के कारण आज के दैनिक जीवन में डिजिटल तकनीक को अपनाने से  कोई भी इंसान और क्षेत्र अछूता नही है।

इस कार्यक्रम में डॉ० प्रथामेष चूरी एवं संस्थान की ओर से आयोजनकर्ताओ में कंप्यूटर साइंस एवम इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अजित सिंह, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ० आर० पी० सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवम कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग से वरुण काकर, ललित गड़िया आदि उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में  विभिन्न देशों के विश्व स्तरीय शोधकर्ताओं द्वारा व्याख्यान दिए गए , जिनमे यू०एस०ऐ० से डॉ० काशिफुद्दीन काज़ी, दक्षिण कोरिया से डॉ० मधुसूदन सिंह, दक्षिण अफ्रीका से डॉ० अर्नेस्ट मनकांडला, मिस्र से डॉ० अहमद एलनगर शामिल है। साथ ही इंडस्ट्री के लोगों के द्वारा भी व्याख्यान दिए जा रहे है, जिनमे आई०बी०एम० (IBM) से नीरज गुप्ता, ऐ०बी०बी० कॉरपोरेट रिसर्च से डॉ०एस०डी० सुदर्शन , इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग से साइंटिस्ट डॉ० अरिजीत रॉय आदि शामिल रहे।