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गिर चुका है अखाड़ा परिषद का स्तर :बाबा हठयोगी
December 14, 2019 • SANJEEV SHARMA • जनहित
  • अखाड़ा परिषद बनी निजी स्वार्थ सिद्ध करने वाली संस्था। 
  • अखाड़ा परिषद भू माफियाओं व कुम्भ माफियाओं के रूप में सरगना।
  • अखाड़ा परिषद ने बनाया कुम्भ मेला अधिकारियों पर दबाव।
  • दान में दी गई जमीन पर अखाड़ों ने आलीशान फ्लैट तैयार कर किया जमीनों को नष्ट।
  • कुंभ के संचालन के लिए बने  एक कुम्भ संचालन समिति ।

संजीव शर्मा, हरिद्वारः अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता व अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा  हठयोगी ने  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के क्रियाकलापों पर सवालिया प्रश्न उठाते हुए  प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अखाड़ा परिषद अखाड़ों को सही रूप में  कुम्भ मेला को शांतिपूर्ण तरीके से व अधिकारियों से जनहित व राष्ट हित व सनातन हित में कार्य कराने के लिए बनाया गया था लेकिन अब अब अखाड़ा परिषद निजी स्वार्थ सिद्ध करने वाली संस्था बन चुकी है। 

 बाबा हठयोगी ने कहाकि  अखाड़ा परिषद भूमाफिया और कुंभ मािफया के रूप मे कार्य कर रही है ओर कुम्भ मेला अधिकारियों पर अपना दबाव बनाकर बैठ कर रही है जो समाज हित व सनातन धर्म व संस्कृति के हित में नहीं है। अखाड़ा परिषद भू माफियाओं व कुम्भ माफियाओं के रूप में सरगना बनकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि साधु संतो का काम  समाज के हित व राष्ट हित था लेकिन अब ये लोग मंत्रियों की चाटुकारिता में लगे है ओर मुख्यमंत्री से मिलकर कुम्भ में अधिकारियों पर रौब गालिब करना चाहते हैं।

बाबा हठयोगी ने कहा कि जिन श्रद्धालु भक्तों के द्वारा धार्मिक कार्यक्रमों व उद्देश्य से जमीनें अखाड़ों को दान में मिली थी वहीं पर अखाड़े कुंभ मेले के दौरान  छावनिया  बनाकर कुंभ मेले का आनंद अपने श्रद्धालु भक्तों व देश विदेश से आने वाले संतो को जमीन देकर कुंभ के दर्शन कराते थे लेकिन श्रद्धालु भक्तों द्वारा दान में दी गई जमीन पर अखाड़ों ने आलीशान फ्लैट तैयार कर जमीनों को नष्ट कर दिया है और अब अधिकारियों पर रौब गालिब कर कुंभ मेले के लिए जमीन मांग रहे हैं जो सरासर ओचित्य हीन है। बाबा हठयोगी ने कहा कि अखाड़ों ने छावनी की भूमि पर आवासीय कालोनियां विकसित कर करोड़ों का काला धन प्राप्त किया है। बाबा हठयोगी ने कहा कि छावनियोें की जमीनें जो साधुओं के रहने और कुंभ मेलोें में साधुओं के आश्रम का प्रमुख स्थान होती थी। जहां  से कभी शंख, घंटे, घडियाल की आवाजें आती थीं वहां से अब चूड़ियों की खनखन तथा लहंगा चुनरी के दर्शन होते हैं।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए हिन्दू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहाकि अखाड़ों द्वारा अपनी जमीन पर जो निर्माण कराए गए हैं वह सब अवैध हैं। प्रशासन को इन्हें तुडवाकर वहीं कुंभ के लिए जमीन आबंटित करनी चाहिए। उन्होेंने कहाकि अखाड़ा परिषद का कोई अधिकार नहीं है कि वो बैरागी कैम्प को अतिक्रमण कहे। कुंभ के संचालन के लिए सरकार को  एक कुम्भ संचालन समिति बनानी चाहिए जिसमें सामाजिक, बुद्धिजीवी ,पत्रकार ,सामाजिक संत शामिल होने चाहिए। स्वामी प्रबोधानन्द ने कहाकि अखाड़ा परिषद कोई रजिस्टर्ड संस्था नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद   भूमाफिया और कुंभ माफिया का एक गठजोड़ है । कहाकि अखाड़ा परिषद कोई पंजीकृत संस्था नहीं है। कुंभ मेले के दौरान अखाड़ा परिषद को देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु भक्तों की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं होता है केवल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एक गठजोड़ कर रखा है क्यों सनातन संस्कृति व राष्ट्रहित में नहीं है। योगी सत्यव्रत आनंद ने कहा कि संतो को कुम्भ मेला सनातन धर्म को आगे बढाने के लिए करना चाहिए न  की अपने निजी स्वार्थों के लिए।