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एनयूजे ने लगाया अल्मोड़ा प्रशासन पर पत्रकारों के उत्पीड़न का आरोप
June 4, 2020 • SANJEEV SHARMA

  • आपदा प्रबंधन अधिनियम की आड़ में पत्रकारों के उत्पीड़न का आरोप
  • मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राज्य के अधिकारियों को भेजी शिकायत

नवल टाइम्सः  नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (एनयूजे उत्तराखंड) ने अल्मोड़ा के दो पत्रकारों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की आड़ में पुलिस द्वारा की गई उत्पीड़नात्मक कार्यवाही को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

ज्ञातव्य है कि करोना संकटकाल में प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और कुप्रबंधन की पोल खोलने वाले समाचारों से घबरा कर अल्मोड़ा जनपद के दो अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ने पत्रकार अमित उप्रेती एवं कैलाश चंद्र भट्ट के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम सहित संगीन अपराधिक धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया था।

इसका विरोध करते हुए नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने अल्मोड़ा प्रशासन को ही आरोपों के घेरे में खड़ा करते हुए आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव (सूचना) और पुलिस महानिदेशक सहित महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग उत्तराखंड को पत्र भेजा है।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक चंद भट्ट की ओर से भेजे गये पत्र में यूनियन ने कहा है कि करोना संकटकाल में जहां चिकित्सा कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिस और प्रशासन के साथ राज्यभर के मीडियाकर्मी प्रशासनिक सहयोग करते हुए अपने पत्रकारिता के दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं वही जनपद अल्मोड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस द्वारा पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोके जाने और आपदा प्रबंधन अधिनियम की आड़ में पत्रकारों के अधिकारों का हनन कर उनके विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। 

 नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने कहा है कि अपनी कमियों और असफलताओं का ठींकरा पत्रकारों के सिर फोड़ने के लिए अधिकारियों द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम को हथियार बनाकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है और पत्रकारों पर अफवाह फैलाने के झूठे आरोप लगाए गए हैं।

पत्र में कहा गया है कि अपनी साख बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस द्वारा की जा रही इस तरह की कार्यवाही प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के समान तो है ही निहायत ही निंदनीय आपत्तिजनक और विधि विरुद्ध भी है।

 एनयूजे अध्यक्ष ने कहा है की 29 मई  2020 को आर 9 न्यूज़ चैनल पर अल्मोड़ा जनपद से चैनल संवाददाता अमित उप्रेती की मुंबई से लौटे प्रवासियों की पीड़ा पर प्रसारित समाचार को लेकर अगले ही दिन जब देशभर में हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जा रहा था तभी जिला प्रशासन की ओर से उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम सहित कई संगीन अपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया अपनी नाकामियों से घिरते देख प्रशासनिक बौखलाहट का इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है कि कैमरे पर पीड़ितों के ऑन रिकॉर्ड बयान होने के बावजूद प्रशासन ने पत्रकार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पत्रकारिता दिवस को ही चुना।

उन्होंने कहा कि इसी तरह वृद्ध जागेश्वर में नेपाली मजदूरों द्वारा राशन न मिलने,  ठेकेदार द्वारा उनकी सुध न लेने और अपने घर भिजवाने का ऑनलाइन कैमरा बयान देने के बावजूद ठेकेदार और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत ने नेपाली मजदूरों के बयान बदल कर जागेश्वर के पत्रकार कैलाश चंद्र पर भी आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर उन पर भी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है। 

यूनियन के अध्यक्ष त्रिलोक चंद भट्ट ने कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों के, मीडिया के प्रति दुरुपयोग के इस तरह के उदाहरण आजाद भारत के इतिहास में नहीं मिलते। उन्होंने कहा है कि राज्य में मीडिया के दमन की दुष्टता की प्रशासनिक कार्यशैली से राज्य भर के पत्रकारों में गहरा आक्रोश है।