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डॉ अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में किया विकसित
April 14, 2020 • SANJEEV SHARMA
नवल टाइम्सः  भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश ने कहा कि भारतरत्न डॉ भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन काल में जो संदेश दिए हैं, उनका अनुकरण करके तमाम समस्याओं का समाधान प्राप्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर के कालखंड में अस्पृश्यता और छुआछूत एक बहुत बड़ी समस्या के रूप में समाज के सम्मुख थी। उन्होंने अस्पृश्यता के दंश को समाप्त करने का बीड़ा उठाया। पिछड़े, दबे-कुचले समाज को स्वाभिमान से जीने का मंत्र दिया। डॉ अंबेडकर महिला समानता और उनको बराबरी देने के अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। बाबा साहब का मानना था कि समाज की प्रगति मापनी है तो उस समाज में महिलाओं की स्थिति को देखकर आकलन किया जा सकता है।
डॉ अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के तीन मंत्र हमें दिए हैं।
शिवप्रकाश ने नक्सलवाद, माओवाद, जाति व अधिकारों के नाम पर होने वाली हिंसा की चर्चा की और कहा कि बाबा साहब अहिंसक आंदोलन के समर्थक थे। वे सभी समस्याओं का समाधान संविधान के दायरे में रहकर करने के पक्षधर थे। बाबा साहब ने जाति या वर्ग के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव को समाज के लिए अनुचित बताया। उनकी अपेक्षा थी कि समाज में सबको बराबरी का अधिकार हो। सबको समान अवसर मिलें। तभी समाज प्रगति की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने संविधान के निर्माण में डॉ अंबेडकर के योगदान की विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वक्तव्य का उल्लेख किया, जिसमें श्री मोदी ने कहा था कि आज एक सामान्य चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बना है तो इसके पीछे डॉ अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का योगदान है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में सरकार ने डॉ अंबेडकर के सपनों के अनुरूप अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित किया है। मोदी सरकार ने डॉ अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किए गए सात आह्ववानों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा । साथ ही लॉक डाउन की स्थिति में प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप अनुशासन व संयम को जरूरी बताया।