ALL विज्ञान स्वास्थ्य स्वाद समाचार ज्ञानवर्धक जानकारी जनहित abhivyakti
अच्छी समझ को दीमक की तरह खा जाता है अवसादः डा. शिवकुमार
May 30, 2020 • SANJEEV SHARMA

अपने शहर,प्रदेश,देश,विदेश के कोरोना सम्बन्धित समस्त समाचारों की अपडेट जानने के लिये  दिये गये लिंक पर जायें http://www.covid19point.info

संजीव शर्मा, नवल टाइम्सः  चिंता का विकृत रूप ही अवसाद (डिप्रेशन) है। अवसाद व्यक्ति के सोचने-समझने की शक्ति पर ऐसा प्रहार करता है कि व्यक्ति समाधान से जुडे सभी रास्ते एक के बाद एक स्वतः ही बंद कर लेता है और अन्त मे अज्ञानता की ऐसी अंधेरी कोठरी मे जा बैठता है जहां व्यक्ति के पास अच्छी समझ पहुंचने के प्रयास समाप्त हो जाते है।

इसके दुस्परिणाम के कारण ही समाज मे आत्म हत्याएं जैसी घटनाएं बढती जा रही है। गुरूकुल कांगडी विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विशेषज्ञ एवं मनोवैज्ञानिक डाॅ0 शिव कुमार ने स्ट्रेस मैनेंजमेंट डयूरिंग कोविड-19 विषय पर आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रय वेबिनार मे यह बात कही।

उन्होने कहाॅ कि समाज मे बढते भौतिक आकर्षण के प्रभाव तथा उनकी प्राप्ति मे विफल होने पर व्यक्ति अवसाद से ग्रसित हो जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति मे अच्छी समझ कम होती जाती है और काल्पनिक समझ हावी हो जाती है। अर्थात यह अवसाद अच्छी समझ को दीमक की तरह खा जाता है। इसके समाधान के लिए उन्होने पारिवारिक एवं सामाजिक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के सरस्वती पी0जी0 काॅलेज, हाथरस द्वारा 18 मई को एक अन्तर्राष्ट्रय वेबिनार भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की अधिकृत संस्था नेशनल स्पोटर्स प्रमोशन आर्गनाइजेशन तथा फिजिकल एजूकेशन फाउन्डेशन आॅफ इण्डिया के संयुक्त तत्वावधान मे आनलाईन आयोजित की थी, में प्रतिभाग करते हुए डाॅ शिव कुमार ने अवसादः समस्या एवं समाधान विषय पर अपनी बात रखी।

                -----------------------------------------------------------------------

On Line Classes are Going to start By STEP CLASSES

Class VI To X : MATHS, SCIENCE  & Class XI To XII : PHYSICS

Contacts:  9897106991, 9319660004,  8077683154 ,  9897565446

                                 Affordable Fee Structure