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अबतक उत्तराखण्ड आये 1,54,000 प्रवासीः जानिये क्या होगी व्यवस्था
May 25, 2020 • SANJEEV SHARMA
नवल टाइम्सः मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में बढ़ते मामलों को देखते हुए घबराने की आवश्यकता नहीं है। पूरे देश के साथ ही उत्तराखण्ड में भी केस बढ़ रहे हैं। शासन-प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। हमारे यहां बैड, आक्सीजन, वेंटीलेटर, आईसीयू आदि आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में हैं। हमारे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हमारे यहां मृत्यु दर कम है। बस कुछ सावधानिया रखने की आवश्यकता है, जरूरी होने पर ही घर से निकलें, निर्धारित व्यक्तिगत दूरी बनाकर रखें, मास्क का अनिवार्यता से प्रयोग करें, कार्यस्थल पर सेनेटाईजेंशन की व्यवस्था हो और क्वारेंटाईन के नियमों का अक्षरक्षः पालन करें।
 
मुख्य सचिव ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए बताया कि अभी तक कुल पाॅजिटीव केस 298 आए हैं इनमें से 56 केस ठीक होकर जा चुके हैं। वर्तमान में एक्टीव केस 238 हैं। पिछले कुछ दिनों में संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड के प्रत्येक जिले में एक्टीव केस हैं। उत्तराखण्ड में सेम्पल के पाॅजिटिव पाए जाने की दर 1.75 प्रतिशत है। हमारे यहां संक्रमित मामलों में से मृत्यु की दर भी अन्य बहुत से राज्यों की तुलना में कम है। अभी इन कुछ दिनों में पाॅजिटिव केस सामने आए है।
 
 मुख्य सचिव ने बताया कि 2 लाख 47 हजार से अधिक लोगों ने उत्तराखण्ड वापस आने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, इनमें से 1 लाख 54 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न माध्यमों से वापस लाया जा चुका है। अगले कुछ दिनों में गुजरात, तेलंगाना, पुणे, दिल्ली, जयपुर से ट्रेन से प्रवासी लोगों को लाने की योजना तैयार की जा रही है। त्रिवेन्द्रम से एक स्पेशल ट्रेन हरिद्वार आएगी। चेन्नई से भी ट्रेन की व्यवस्था की जा रही है। जयपुर से काठगोदाम भी प्रस्तावित है। उत्तराखण्ड के 200 व्यक्ति 24 देशों से भारत वापस आ चुके है। इनमें से तीन क्वारेंटाईन अवधि को पूरा कर चुके है। जबकि शेष अभी क्वारेंटाईन में हैं।
आने वाले व्यक्तियों की सूचना, जिला प्रशासन और ग्राम स्तर तक तैनात कार्मिकों को भी दी जा रही है। इसके अलावा वापस आए लोगों से फोन पर भी कंट्रोल रूम द्वारा निरंतर सम्पर्क रखा जाता है। प्रत्येक जिले में रेस्पोंस टीमों का गठन किया गया है जो कि लगातार फील्ड में जाकर क्वारेंटाईन किए गए लोगों पर नजर रखते हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में 4500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां शुरू की गई हैं। 6 हजार से अधिक कन्स्ट्रक्शन साईटों पर काम शुरू हुआ है। आर्थिक गतिविधियां प्रारम्भ हुई हैं। मनरेगा में 2 लाख 20 हजार से अधिक लोगों को काम मिला है। 8 हजार नए लोगों ने मनरेगा में पंजीकरण कराया है। इनमें से 5 हजार से अधिक लोगों को काम मिल चुका है।