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आईआईटी रुड़कीःमहामारी प्रभाव कम करने को विकसित किया स्टेरिलाइजेशन सिस्टम
May 11, 2020 • SANJEEV SHARMA

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  • कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने में मिलेगी मदद
  • उपयोग के लिए हरिद्वार नगर निगम को सौंपा नमूना
संजीव शर्मा, नवल टाइम्सः भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने कोविड-19 के प्रसार को कम के उद्देश्य से आम उपयोग की वस्तुओं को सैनिटाइज करने के लिए अनूठा स्टेरिलाइजेशन सिस्टम विकसित किया है। इस मशीन का उपयोग आम उपयोग की वस्तुएं जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (मोबाइल, घड़ी, वायरलेस गैजेट, मेटल व प्लास्टिक के सामान (पर्स, चाबी, चश्मा, बैग)) को सैनिटाइज करने के लिए किया जा सकता है।
डिजाइन किए गए इस उत्पाद का उपयोग सरकारी और निजी दफ्तरों के अलावा हवाई अड्डों, शैक्षणिक संस्थानों, शॉपिंग मॉल और अन्य जगहों पर भी आम उपयोग की वस्तुओं को सैनिटाइज करने के लिए किया जा सकता है। इसके उपयोग के लिए स्टेरिलाइजेशन सिस्टम का एक नमूना हरिद्वार नगर निगम को सौंप दिया गया है।
हरिद्वार के नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि, “इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में लोग मास्क, सैनिटाइजर जैसे कई सुरक्षात्मक उपाय अपना रहे हैं, लेकिन हमने मोबाइल, वॉलेट, चाबियों, दस्तावेजों फाइलों जैसे नियमित उपयोग की वस्तुओं के सेनेटाइजेशन की आवश्यकता को महसूस किया।
ऐसे सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यालय जो 24 X 7 खुले हैं और अधिक सुरक्षात्मक उपाय किए जाने की मांग करते हैं उसके लिए यह मशीन एक वरदान की तरह है। हमने आईआईटी रुड़की से अनुरोध कर अपना विचार साझा किया था और उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इस पर काम करना शुरू कर दिया। तनवीर सिंह मारवाह (आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र व हरिद्वार के सहायक नगर आयुक्त) ने हरिद्वार नगर निगम की ओर से आईआईटी रुड़की के साथ समन्वय किया। स्टेरिलाइजेशन सिस्टम को विकसित करने में आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञता और समर्थन के लिए हम उनके आभारी हैं।
मशीन में मूविंग सिस्टम वाला एक अल्ट्रा-वायलेट कक्ष है जहां से वस्तुओं को सेनेटाइज करने के लिए अंदर और बाहर ले जाया जाता है। इस स्टेरिलाइजेशन सिस्टम को अल्ट्रा-वायलेट रेडिएशन का उपयोग करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानकों और वैज्ञानिक साहित्य के अनुरूप तैयार किया गया है। सिस्टम का डिजाइन और ऑपरेशन, यूवी लाइट के उपयोग से जुड़े सभी स्वास्थ्य संबंधी खतरों का ख्याल रखता है। इन प्रयासों के लिए टीम की सराहना करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि, ष्इस महामारी के दौरान जो कुछ भी संभव है, आईआईटी रुड़की उसमें योगदान करने का प्रयास कर रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह मशीन वस्तुओं के माध्यम से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में उपयोगी भूमिका निभाएगी।“