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"द विजडम ग्लोबल स्कूल" पर फिर लगा जबरन फीस वसूली का आरोप
August 19, 2020 • Dr. SANDEEP BHARDWAJ

हरिद्वारः अपनी विवादित कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर शहर के चर्चित स्कूल द ग्लोबल विजडम स्कूल, जर्स कंट्री, ज्वालापुर, हरिद्वार के प्रधानाचार्य व स्कूल मैनेजमेंट पर अभिभावकों ने मानसिक रूप से परेशान कर जबरन फीस वसूली का आरोप लगाया है।

स्कूल इन पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों सचिन चोपड़ा, अनुभव गर्ग, विकास चौहान, प्रवेश निम, गौरव कपूर, चिराग, प्रशांत, प्रिंस भल्ला, सौरभ भाटिया, अनुपम सिंघल, मनीष चावला, नवप्रीत कुमार, विनय कौशिक, अनुज, राजीव आदि ने मीडिया को जारी एक विज्ञप्ति में बताया की द विजडम ग्लोबल स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई को भी बंद कर रहा है जबकि कोरोना काल में अभिभावक बाजार में काम न होने के कारण आर्थिक परेशानिया झेल रहे हैं।

ऑनलाइन शिक्षा पद्धति में अभिभावक नेट चार्ज के साथ साथ लेपटॉप, मोबाइल आदि जैसे अन्य खर्चे वहन कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर प्रधानाचार्य दबाव बनाकर जबरन फीस वसूलना चाह रहे हैं। साथ ही साथ अभिभावकों के प्रति प्रधानाचार्य व मैनजमेंट का व्यवहार भी ठीक नहीं है।

प्रधानाचार्य व मैनेजमेंट की तरफ से फीस जमा करवाने के लिये बार बार फोन और मैसेज आ रहे है जिससे अभिभावक मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। अभिभावकों ने बताया है कि माननीय उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि स्कूल टयूशन फीस ले सकता है लेकिन स्कूल ने बड़ी चालाकी से सभी सुविधाओं को ट्यूशन फीस के नाम से ले लिया।

स्कूल ने लैब फीस, कंप्यूटर फीस, एसी चार्ज, स्मार्ट क्लास चार्ज आदि सभी को ट्यूशन फीस में पहले से ही जोड़ दिया जिससे वे अपनी सारी फीस वसूल सकें। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल कई दिनों से ऑनलाइन क्लासेस बन्द कर रहा था तथा अभिभावकों के जाने के बाद ही क्लास खोली जाती थी।

अभिभावकों ने बताया कि आज स्कूल के प्रधानाचार्य ने साफ साफ कह दिया कि आप फीस जमा करो तभी ऑनलाईन क्लास चलेगी और यदि फीस जमा नहीं करोगे तो स्कूल से नाम काट दिया जाएगा। प्रधानाचार्य के इस रुख को देखते हुए अभिभावकों में भारी रोष है। ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी द ग्लोबल विजडम स्कूल के खिलाफ जबरन फीस वसूली को लेकर जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिकायतें पहुंची थी और उन शिकायतों के मद्देनजर रखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस सन्दर्भ में स्कूल को नोटिस भी जारी किया था। मगर नोटिस के बाद क्या कार्यवाही हुआ इसकी जानकारी शिक्षा विभाग ने देनी उचित नहीं समझी। अब एक बार फिर अभिभावकों ने जबरन फीस वसूली के साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायत की है। देखना दिलचस्प होगा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार कोरोना काल में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाते हुए स्कूल के खिलाफ कोई कार्यवाही करते है या फिर .............